बैंक की FD बनाम छत पर सोलर: ₹78,000 की सरकारी छूट के बाद कौन है असली विजेता?
अक्सर लोग कहते हैं कि ₹2,20,000 बैंक में रख दें तो ब्याज से बिजली बिल भर देंगे। लेकिन जब से भारत सरकार ने 'पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना' के तहत भारी सब्सिडी का एलान किया है, तब से बैंक की FD इसके सामने कहीं नहीं टिकती।
आइए, 3 किलोवाट (3kW) सोलर सिस्टम के ताज़ा गणित से समझते हैं।
1. असली निवेश (The Net Investment)
- 3kW सोलर सिस्टम की कुल लागत: ₹2,20,000 (लगभग)
- सरकारी सब्सिडी (Direct Benefit): - ₹78,000
- आपका शुद्ध निवेश (Actual Cost): ₹1,42,000
अब तुलना बैंक में रखे उसी ₹1,42,000 से करते हैं जिसे आप FD करना चाहते थे।
2. बैंक का गणित (₹1,42,000 पर)
अगर आप अपनी जेब से लगने वाले इस ₹1,42,000 को बैंक में 7% की FD पर रखते हैं:
- सालाना ब्याज: लगभग ₹9,940
- मंथली इनकम: केवल ₹828
- 5 साल का कुल ब्याज: ₹49,700
3. सोलर का गणित (₹1,42,000 के निवेश पर)
एक 3kW का सोलर सिस्टम हर महीने करीब 360-400 यूनिट बनाता है, जिससे आपका ₹3,000 का मंथली बिल जीरो हो सकता है।
- मंथली बचत: ₹3,000
- सालाना बचत: ₹36,000
- 5 साल की कुल बचत: ₹1,80,000 (बढ़ती बिजली दरों के साथ यह ₹2 लाख भी हो सकती है)
4. सीधा मुकाबला: बैंक बनाम सोलर (अगले 5 साल)
5. असली जादुई आंकड़ा (The Real Magic)
ध्यान देने वाली बात यह है कि 4 साल के भीतर सोलर सिस्टम अपनी पूरी लागत (₹1.42 लाख) बिजली बचाकर वसूल कर लेता है। इसके बाद अगले 21 साल तक मिलने वाली बिजली आपके लिए "नेट प्रॉफिट" है।
अगर आप वही ₹1.42 लाख बैंक में छोड़ देते, तो 25 साल बाद भी वह शायद महंगाई के मुकाबले अपनी वैल्यू खो चुका होता। लेकिन सोलर ने आपको 25 साल तक हर महीने ₹3,000+ की बचत दी, जो लाखों में बैठती है।
निष्कर्ष:
सब्सिडी मिलने के बाद सोलर लगवाना किसी भी बैंक स्कीम से 3 गुना ज्यादा मुनाफा देता है।
तो अब आप ही तय कीजिए: ₹828 का बैंक ब्याज चाहिए या ₹3,000 की बिजली बचत?
Er. krishankant
(Solar Charcha with Krishna)
सोलर अपनाएं, देश बचाएं, पैसा बचाएं!
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