सोलर वारंटी की गारंटी: हकीकत या उड़ता पंछी?
अक्सर जब लोग मुझसे पूछते हैं कि, "सर, कौन से मेक (Make) का इन्वर्टर खरीदना चाहिए?" या "कौन सा सोलर मॉड्यूल सबसे अच्छा है?" , तो मेरा उन्हें सिर्फ एक ही जवाब होता है: "आपके लोकल मार्केट में जिस ब्रांड की 'दमदारी' हो, बस वही लीजिए।" सोलर लगवाने से पहले ब्रांड के नाम या चमक-धमक वाले विज्ञापनों से कहीं ज्यादा जरूरी यह देखना है कि मुसीबत के समय आपके घर पर कौन खड़ा रहेगा। वारंटी के कागज से ज्यादा उस कंपनी का आपके इलाके में मौजूद रहना जरूरी है। वारंटी की गारंटी: एक मायाजाल? आज के सोलर मार्केट का हाल कुछ ऐसा है जैसे 'अंधेरे कमरे में निशाना लगाना' जैसा मामला चल रहा हो। हर दूसरी कंपनी वारंटी की 'गारंटी' लेकर घूम रही है, जिसमें न केवल आम ग्राहक बल्कि नए सोलर वेंडर भी बुरी तरह फंस रहे हैं। असलियत तो तब पता चलती है जब सिस्टम में खराबी आती है और वारंटी क्लेम करने की नौबत आती है। तब शुरू होता है असली खेल: मैन्युफैक्चरर कहता है कि वेंडर ने इंस्टालेशन में गलती की है। वेंडर कहता है कि प्रोडक्ट में ही मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट है। और सबसे बड़ी कड़वी सच...