सोलर मॉड्यूल ग्रेडिंग (A, B, C, D)और इनकी पहचान
नमस्ते साथियों! सोलर पैनल खरीदते समय अक्सर हम केवल 'वाट' (Watts) देखते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि पैनल के अंदर लगे सेल्स (Cells) की क्वालिटी के आधार पर उन्हें अलग-अलग ग्रेड में बांटा जाता है? अगर आप सोलर वेंडर हैं तो, आपके लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि कम कीमत के चक्कर में कहीं आप 'B' या 'C' ग्रेड का पैनल तो नहीं खरीद रहे। सोलर मॉड्यूल (Solar Panel) में ग्रेड का मतलब उसकी क्वालिटी, सेल कंडीशन और परफॉर्मेंस लेवल से होता है। मार्केट में आमतौर पर A, B, C और D ग्रेड की बात की जाती है। सोलर मॉड्यूल का ग्रेड वर्गीकरण (Classification) सीधे “A, B, C” लिखकर फैक्ट्री में नहीं बनता, बल्कि यह कुछ तकनीकी टेस्ट और इंस्पेक्शन के आधार पर तय होता है। आइए विस्तार से समझते हैं इन ग्रेड्स के अंतर और उनकी पहचान के तरीकों को 1. सोलर पैनल के विभिन्न ग्रेड (The Grading System) 1. Grade-A सोलर पैनल (सर्वोत्तम गुणवत्ता) Grade-A पैनल वे होते हैं जिनमें कोई दृश्य दोष (Visible defects) नहीं होता। ये पैनल अपनी पूरी क्षमता पर काम करते हैं। दिखावट: सेल का रंग एक स...