क्यों गिरती जा रही है सोलर इंडस्ट्री की वैल्यू? एक गंभीर सोच और ज़मीनी हकीकत
एक वक्त था जब समाज में 'सोलर' का नाम लेते ही लोगों के दिमाग में एक उच्च तकनीकी (High-Tech) और प्रतिष्ठित पहचान उभरती थी। अगर कोई कहता था कि वह सोलर क्षेत्र में काम करता है, तो उसे एक सम्मानित और एक्सपर्ट इंजीनियर या विजनरी प्रोफेशनल के रूप में देखा जाता था। लेकिन आज की कड़वी सच्चाई यह है कि यह पूरी इंडस्ट्री "भटा-भाजी" के भाव बिकने लगी है। जिस टेक्नोलॉजी को देश के ऊर्जा भविष्य का आधार बनना था, वह आज केवल एक सस्ता सामान बेचने का जरिया बनकर रह गई है। आखिर ऐसा क्या हुआ कि इस बेहतरीन तकनीक का स्तर इतना गिर गया? आइए, इस चिंताजनक बदलाव के कुछ मुख्य पहलुओं पर नज़र डालते हैं: 1. बिना टेक्निकल नॉलेज के बनते 'सोलर वेंडर' अगर इतिहास उठाकर देखें, तो एक ज़माना था जब हर दूसरा बेरोजगार व्यक्ति एलआईसी एजेंट बन जाता था। कुछ सालों बाद दौर बदला, तो लोग प्रॉपर्टी ब्रोकर और बिल्डर बनने की होड़ में लग गए। आज ठीक वही हाल सोलर इंडस्ट्री का हो चुका है। जिस व्यक्ति को यह भी नहीं पता कि स्ट्रिंग डिजाइनिंग क्या होती है, स्ट्रक्चर की मजबूती (DC & AC Safety) का क्या...