सोलर सिस्टम पर ROI (Return on Investment) कैसे निकालें?
जब आप घर या बिजनेस में सोलर लगाते हैं, तो वह कोई खर्चा नहीं बल्कि एक 'इन्वेस्टमेंट' है। आइए जानते हैं कि इसकी गणना कैसे की जाती है।
1. कुल निवेश (Total Investment) की गणना करें
सबसे पहले यह देखें कि सिस्टम लगवाने में कुल कितना खर्च आया। इसमें शामिल हैं:
- सोलर पैनल्स, इन्वर्टर और स्ट्रक्चर की कीमत।
- इंस्टालेशन और वायरिंग का खर्च।
- ध्यान दें: अगर आपको सरकार से कोई सब्सिडी मिली है, तो उसे कुल खर्च में से घटा दें।
- मान लीजिए आपका सिस्टम महीने में 300 यूनिट बनाता है।
- अगर बिजली की दर ₹8 प्रति यूनिट है, तो आपकी महीने की बचत: 300 \times 8 = ₹2,400
- साल भर की बचत: 2,400 \times 12 = ₹28,800
- सूरज की रोशनी: जितनी अच्छी धूप, उतनी ज्यादा बिजली और उतना ही तेज ROI।
- रखरखाव (Maintenance): पैनल्स की सफाई समय-समय पर करते रहें ताकि एफिशिएंसी कम न हो।
- बिजली की दरें: जैसे-जैसे सरकारी बिजली महंगी होगी, आपकी सोलर से होने वाली बचत और बढ़ती जाएगी।
फॉर्मूला: नेट इन्वेस्टमेंट = कुल खर्च - सब्सिडी
2. सालाना बचत (Annual Savings) का पता लगाएं
आपका सोलर सिस्टम साल भर में कितनी बिजली बना रहा है और आप उससे कितने पैसे बचा रहे हैं, यह ROI निकालने का सबसे जरूरी हिस्सा है।
3. पेबैक पीरियड (Payback Period) निकालना
पेback पीरियड वह समय है जिसमें आपकी लगाई गई पूरी पूंजी बिजली की बचत के रूप में वापस मिल जाती है।
Payback period(In years)
= Total Investment/ Annual savings
उदाहरण:
अगर आपने सब्सिडी के बाद ₹1,20,000 निवेश किए हैं और आपकी सालाना बचत ₹30,000 है:
Payback period
= 120000/30000= 4 years
यानी 4 साल बाद आपका सोलर सिस्टम आपको "फ्री" में बिजली देगा।
4. ROI प्रतिशत (%) कैसे निकालें?
अगर आप इसे शेयर बाजार या FD की तरह परसेंटेज में देखना चाहते हैं, तो इस फॉर्मूले का इस्तेमाल करें:
ROI(%)= Annual saving/ Total investment)×100
ऊपर दिए गए उदाहरण के हिसाब से:
ROI(%)= (30000/120000)×100= 25%
सालाना 25% का रिटर्न किसी भी अन्य स्कीम से कहीं बेहतर है!
ROI को प्रभावित करने वाले मुख्य कारक:
निष्कर्ष:
आमतौर पर भारत में रेजिडेंशियल सोलर का पेबैक पीरियड 3 से 5 साल के बीच होता है, जबकि पैनल्स की लाइफ 25 साल होती है। इसका मतलब है कि अगले 20 साल आप बिना किसी खर्च के बिजली का आनंद ले सकते हैं।
सौर ऊर्जा अपनाएं, पैसे बचाएं और भविष्य सुरक्षित करें!
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें