सोलर इन्वर्टर कहाँ लगाएँ: छत पर (DC के पास) या नीचे (AC के पास)? (5kW System Case Study)
सोलर सिस्टम लगवाते समय सबसे बड़ा कन्फ्यूजन यह होता है कि इन्वर्टर को कहाँ इंस्टॉल किया जाए?
थ्योरी कहती है: इन्वर्टर को सोलर पैनल (DC सोर्स) के जितना हो सके पास रखो ताकि DC वोल्टेज ड्रॉप (Voltage Drop) न हो।
प्रैक्टिकल समस्या: अगर ग्राउंड+2 (तीन मंजिला) बिल्डिंग में इन्वर्टर को सबसे ऊपर छत पर लगा दिया, तो वहाँ वाई-फाई (Wi-Fi) का सिग्नल नहीं पहुँचता। नतीजा? कस्टमर अपने फोन पर सोलर की मॉनिटरिंग (Online Monitoring) नहीं कर पाता।
तो आखिर सही रास्ता क्या है? आइए, 5kW के सिस्टम का एक प्रैक्टिकल कैलकुलेशन करके देखते हैं कि इन्वर्टर ऊपर लगाने और नीचे लगाने पर वोल्टेज ड्रॉप में कितना अंतर आता है।
हमारे सिस्टम का सेटअप (Technical Specifications)
सिस्टम कैपेसिटी: 5 kW
सोलर मॉड्यूल्स: 620Wp के 8 मॉड्यूल्स (एक सिंगल स्ट्रिंग)
स्ट्रिंग वोल्टेज Vdc: लगभग 340V - 350V
स्ट्रिंग करंट Idc: लगभग 12A - 13A
AC आउटपुट (Single Phase): लगभग 20A - 22A
DC केबल: 4 sq mm कॉपर (Cu)
AC केबल: 2 Core, 4 sq mm कॉपर (Cu)
दूरी (छत से नीचे तक): ग्राउंड+2 बिल्डिंग के लिए केबल की लंबाई लगभग 15 मीटर (Route length) मान लेते हैं।
केस 1: इन्वर्टर छत पर लगाया (AC केबल लंबी है)
इस केस में इन्वर्टर सोलर पैनल के ठीक पास है, इसलिए DC केबल की लंबाई नाममात्र (मान लेते हैं 5 मीटर) होगी। लेकिन इन्वर्टर से लेकर नीचे मेन डिस्ट्रीब्यूशन बोर्ड (MDB) तक आने वाली AC केबल की लंबाई 15 मीटर होगी।
DC वोल्टेज ड्रॉप: दूरी बहुत कम (5m) होने के कारण यह 0.19% से भी कम होगा, जिसे हम नजरअंदाज कर सकते हैं।
AC वोल्टेज ड्रॉप कैलकुलेशन:
करंट = 22A
दूरी L = 15 मीटर
4 sq mm कॉपर केबल का रेजिस्टेंस लगभग 4.95 Omega per km होता है।
सिंगल फेज के लिए वोल्टेज ड्रॉप फॉर्मूला:
Voltage Drop = (2*L*I*Resistance)/1000Voltage Drop = (2*22*15 *4.95)/1000 = approx 3.26Vप्रतिशत ड्रॉप: 230V ग्रिड वोल्टेज पर 3.26 V का ड्रॉप यानी लगभग 1.41%
नतीजा: छत पर इन्वर्टर रखने से AC साइड में करीब 1.4% का वोल्टेज लॉस होगा। इसके अलावा वाई-फाई रेंज की समस्या बनी रहेगी।
केस 2: इन्वर्टर नीचे लगाया (DC केबल लंबी है)
इस केस में इन्वर्टर को नीचे (मान लीजिए फर्स्ट फ्लोर या ग्राउंड फ्लोर पर वाई-फाई राउटर के पास) लगाया गया है। अब छत से नीचे तक 15 मीटर लंबी DC केबल आएगी, लेकिन AC केबल की लंबाई महज 2-5 मीटर रह जाएगी।
AC वोल्टेज ड्रॉप: दूरी कम होने के कारण यह 0.2- 0.6% से कम होगा।
DC वोल्टेज ड्रॉप कैलकुलेशन:
करंट (I) = 13A (हाई वोल्टेज स्ट्रिंग होने के कारण करंट कम है)
दूरी (L) = 15 मीटर
4 sq mm DC कॉपर केबल का रेजिस्टेंस भी लगभग 4.95 Omega per km मान लेते हैं।
DC वोल्टेज ड्रॉप फॉर्मूला:
Voltage Drop = (2*I*L*Resistance)/1000Voltage Drop = approx 1.93V
- प्रतिशत ड्रॉप: 345 V स्ट्रिंग वोल्टेज पर 1.93 V का ड्रॉप यानी सिर्फ 0.56 %
ब्लॉग का निष्कर्ष: कृष्णा की सलाह
इस कैलकुलेशन से एक बहुत ही दिलचस्प बात सामने आती है जो अक्सर लोग मिस कर जाते हैं: हाई वोल्टेज स्ट्रिंग (350V) में करंट कम (13A) होता है, इसलिए लंबी दूरी पर भी DC वोल्टेज ड्रॉप बहुत कम 0.56% होता है। इसके विपरीत, AC साइड में सिंगल फेज होने के कारण करंट ज्यादा 22 A है, जिससे वहाँ वोल्टेज ड्रॉप 1.41% ज्यादा होता है।
इसलिए, 5kW के इस सिस्टम में इन्वर्टर को नीचे (AC के पास और वाई-फाई रेंज में) लगाना ही सबसे समझदारी भरा फैसला है।
आपको तीन बड़े फायदे मिलते हैं:
- कम पावर लॉस: कुल वोल्टेज ड्रॉप कम होता है।
- स्मूथ मॉनिटरिंग: वाई-फाई कनेक्टिविटी बढ़िया रहती है।
- इन्वर्टर की सुरक्षा: इन्वर्टर मौसम की मार से बचा रहता है।
स्पेशल केस: कम धूप (Low Intensity) में वोल्टेज ड्रॉप की स्थिति
(जब सोलर करंट घटकर सिर्फ 4A रह जाता है)
कई बार लोगों के मन में यह सवाल आता है कि जब धूप कम होगी (जैसे सुबह के समय या बरसात में) और करंट कम हो जाएगा, तब वोल्टेज ड्रॉप पर क्या असर पड़ेगा? आइए इसी 5kW सिस्टम को 4A करंट और 345V वोल्टेज पर चेक करते हैं।
यहाँ हम दो दूरियों की तुलना करेंगे:
इन्वर्टर ऊपर लगाने पर: DC केबल की लंबाई = 5 मीटर
इन्वर्टर नीचे लगाने पर: DC केबल की लंबाई = 15 मीटर
(नोट: 4 sq mm कॉपर केबल का रेजिस्टेंस = 4.95 Omega / km
1. जब इन्वर्टर ऊपर (छत पर) लगा हो (DC केबल = 5 मीटर)
करंट (I) = 4A
दूरी (L) = 5 मीटर
DC वोल्टेज ड्रॉप - 0.198V = 0.057%
2. जब इन्वर्टर नीचे लगा हो (DC केबल = 15 मीटर)
करंट (I) = 4 A
दूरी (L) = 15 मीटर
DC वोल्टेज ड्रॉप - 0.594 V- 0.172%
इस कैलकुलेशन से ब्लॉग के लिए क्या निष्कर्ष (Conclusion) निकला?
वोल्टेज ड्रॉप न के बराबर: जब धूप कम होती है और करंट घटता है (13A से 4A), तो वोल्टेज ड्रॉप भी आनुपातिक रूप से (proportional) बहुत कम हो जाता है। इन्वर्टर नीचे लगाने पर भी (15 मीटर दूरी) वोल्टेज ड्रॉप 1 वोल्ट से भी कम (0.594V) है, जो कि कुल वोल्टेज का सिर्फ 0.17% है। टेक्निकल भाषा में इसे पूरी तरह से नजरअंदाज (negligible) किया जा सकता है।
हाई वोल्टेज स्ट्रिंग का असली फायदा: इस केस से यह साबित होता है कि जब हम बड़ी गाड़ियाँ या बड़े मॉड्यूल्स (जैसे 620Wp) इस्तेमाल करके स्ट्रिंग का वोल्टेज बढ़ा देते हैं (345V), तो करंट कम होने के कारण केबल की लंबाई बढ़ने पर भी नुकसान नहीं होता।
चाहे कड़क धूप हो या हल्के बादल, अगर आपकी स्ट्रिंग का वोल्टेज 340V-350V के आसपास है, तो 15 मीटर DC केबल ले जाने पर भी वोल्टेज ड्रॉप की कोई समस्या नहीं आएगी। इसलिए वाई-फाई कनेक्टिविटी और इन्वर्टर की सेफ्टी के लिए उसे नीचे लगाना ही हर मौसम में बेस्ट परफॉर्मन्स देगा!
यह केस स्टडी आपको कैसी लगी? अपनी साइट्स पर आप इन्वर्टर कहाँ लगाना पसंद करते हैं, कमेंट में जरूर बताएं!
Er. Krishankant (सौर दीक्षक)
www.seac.in


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