सोलर रूफटॉप साइट्स पर होने वाले हादसे: लापरवाही या जानकारी का अभाव? (विशेष: रायपुर हादसे से सबक)
हाल ही में रायपुर में एक बेहद दर्दनाक हादसा हुआ, जिसने पूरे सोलर इंडस्ट्री को झकझोर कर रख दिया है। एक रूफटॉप सोलर साइट पर काम करते समय दो ऊर्जावान सोलर कर्मचारी हाई-टेंशन (HT) लाइन की चपेट में आ गए और उन्हें अपनी जान गंवानी पड़ी। यह हादसा हमें यह सोचने पर मजबूर करता है कि क्या यह सिर्फ एक दुर्घटना थी, या फिर सुरक्षा नियमों और सही जानकारी का अभाव? अगर उन कर्मचारियों को यह पता होता कि हाई-टेंशन लाइन से कितनी दूरी बनाए रखनी है और काम शुरू करने से पहले क्या सावधानियां बरतनी हैं, तो आज वे हमारे बीच जीवित होते। सोलर रूफटॉप का काम सिर्फ पैनल लगाने या वायरिंग करने तक सीमित नहीं है; यह सीधे तौर पर बिजली और ऊंचाई (Height) से जुड़ा काम है, जहां एक छोटी सी चूक भी जानलेवा साबित हो सकती है। आइए जानते हैं कि रूफटॉप साइट्स पर कौन से बड़े खतरे होते हैं और उनसे कैसे बचा जा सकता है। 1. ओवरहेड पावर लाइन्स (HT/LT Lines) से दूरी: सबसे बड़ा खतरा अक्सर छतों के पास से 11kV, 33kV की हाई-टेंशन (HT) लाइनें या फिर लो-टेंशन (LT) लाइनें गुजर रही होती हैं। सोलर स्ट्रक्चर या जीआई पाइप (GI Pipe) को संभालते समय ...