अपार्टमेंट या सोसाइटी में सोलर: ये 2 तरीके बदल देंगे आपकी बिजली का बिल!
अपार्टमेंट या बड़ी सोसाइटी में सोलर लगाने का तरीका इस बात पर निर्भर करता है कि वहां डिस्कॉम (Discom) से बिजली का कनेक्शन किस प्रकार लिया गया है। मुख्य रूप से यह 2 तरह का होता है: 1. सिंगल पॉइंट कनेक्शन मॉडल (Single Point / Bulk Supply Connection) इस सिस्टम में पूरी सोसाइटी के लिए डिस्कॉम (बिजली कंपनी) से सिर्फ एक ही मेन कनेक्शन (Bulk Meter) लिया जाता है। बिलिंग का तरीका: डिस्कॉम सीधा सोसाइटी (RWA) को एक बड़ा बिल भेजती है। इसके बाद, सोसाइटी हर फ्लैट के अंदर लगे सब-मीटर (Prepaid या Postpaid) के हिसाब से खुद घर मालिकों से बिल वसूलती है। सोलर का सबसे बड़ा फायदा (Why it's Highly Profitable): ऐसे मॉडल में सोलर लगाना सबसे ज्यादा फायदेमंद होता है। पूरी छत पर एक बड़ा Common Solar Plant लगा दिया जाता है। चूंकि मेन कनेक्शन एक ही है, इसलिए सोलर से बनने वाली भारी-भरकम बिजली सीधे मुख्य मीटर के लोड (कॉमन एरिया + सभी फ्लैट्स का कुल लोड) को कम कर देती है। डिस्कॉम का बिल सीधे आधे से भी कम हो जाता है, जिससे सोसाइटी का मेंटेनेंस खर्च घटता है और हर घर मालिक की जेब बचती ह...