सोलर प्लांट में 'जनरेशन मीटर' (Generation Meter) कब और कितने किलोवॉट पर लगाना अनिवार्य है? जानिए नियम
नमस्कार दोस्तों! Solar Charcha में आपका स्वागत है।
मध्य प्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड (MPMKVVCL), भोपाल द्वारा जारी आधिकारिक दिशा-निर्देशों (सर्कुलर नंबर: MD/MK/Comm-III/F-255/2662) के अनुसार, ऑन-ग्रिड सोलर सिस्टम लगाने वाले उपभोक्ताओं के लिए मीटरिंग को लेकर कुछ बेहद महत्वपूर्ण नियम तय किए गए हैं। फील्ड में अक्सर हमारे सोलर भाइयों और उपभोक्ताओं के बीच इस बात को लेकर भ्रम रहता है कि सोलर प्लांट में नेट मीटर के साथ-साथ जनरेशन मीटर (Generation Meter) या चेक मीटर (Check Meter) कब लगाना जरूरी होता है।
आइए आज इस ब्लॉग में सर्कुलर के आधार पर इस नियम को बिल्कुल सरल शब्दों में समझते हैं।
1. कितने किलोवॉट क्षमता पर कौन सा मीटर अनिवार्य है?
'मध्य प्रदेश डिसेंट्रलाइज्ड रिन्यूएबल एनर्जी सिस्टम पॉलिसी' में किए गए संशोधनों के तहत, सोलर प्लांट की क्षमता (Capacity) के आधार पर अलग-अलग मीटर लगाने का प्रावधान है:
- 15 KW से अधिक (> 15KW) के सोलर प्लांट के लिए: यदि आपके सोलर प्लांट की क्षमता 15 KW से अधिक है, तो नेट मीटर के साथ-साथ जनरेशन मीटर (Generation Meter) लगाना कानूनी रूप से अनिवार्य है।
- 250 KW से अधिक (> 250KW) के सोलर प्लांट के लिए: यदि सोलर प्लांट की क्षमता 250 KW से अधिक है, तो वहां नेट मीटर और जनरेशन मीटर के अलावा चेक मीटर (Check Meter) लगाना भी अनिवार्य हो जाताहै।
📌 महत्वपूर्ण बात: यह नियम विभाग के ऑनलाइन नेट मीटरिंग पोर्टल पर भी पूरी तरह से लागू किया जा चुका है।
Circular Document
2. AMR (Automated Meter Reading) की अनिवार्यता
विद्युत वितरण कंपनी के नियमों के अनुसार, हाई-वैल्यू कनेक्शंस और बड़े सोलर प्लांट की रीड़िंग को पारदर्शी और सुचारू बनाने के लिए AMR (ऑटोमैटिक मीटर रीडिंग) सुविधा का होना जरूरी है। इसके तहत दो मुख्य नियम हैं:
- LT High Value Consumer: घरेलू उपभोक्ताओं को छोड़कर, यदि किसी अन्य कैटेगरी में सोलर प्लांट की क्षमता 10 KW या उससे अधिक है, तो उसका Net Meter अनिवार्य रूप से AMR सुविधा से लैस होना चाहिए।
- Generation Meter: 15 KW से अधिक क्षमता वाले सोलर प्लांट पर लगने वाला Generation Meter भी AMR सुविधा वाला होना चाहिए, जिसे विभाग के BI Cell द्वारा कमिशंड किया जाएगा।
3. मीटर टेस्टिंग और फीस जमा करने का सही तरीका
अक्सर उपभोक्ता या वेंडर मीटर टेस्टिंग फीस को लेकर गलती कर देते हैं। सर्कुलर में इस पर सख्त निर्देश दिए गए हैं:
- केवल ऑनलाइन भुगतान: मीटर टेस्टिंग की फीस किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को मैनुअली (नकद) नहीं दी जा सकती। उपभोक्ता को अपने नेट मीटरिंग ऑनलाइन वेब पोर्टल की लॉग-इन आईडी का उपयोग करके केवल ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से ही भुगतान करना होगा। किसी भी अन्य माध्यम से किया गया भुगतान मान्य नहीं होगा।
- टेस्ट रिपोर्ट का समय: रीजनल मीटर टेस्टिंग लैब (RMTL) के इन-चार्ज को मीटर स्वीकार करने के 3 दिनों के भीतर मीटर की टेस्ट रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड करनी होती है।
निष्कर्ष (Conclusion)
यदि आप मध्य प्रदेश (विशेषकर मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अधिकार क्षेत्र) में 15 KW से बड़ा ऑन-ग्रिड सोलर सिस्टम प्लान कर रहे हैं, तो फाइल प्रोसेस करते समय 'जनरेशन मीटर' की अनिवार्यता और उसकी ऑनलाइन टेस्टिंग फीस का विशेष ध्यान रखें। ऐसा न करने पर आपकी नेट मीटरिंग की फाइल अटक सकती है।
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यह ब्लॉग पोस्ट MPMKVVCL के सर्कुलर दिनांक 30-03-2019 पर आधारित है। संदर्भ के लिए आप कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट (mpcz.co.in) पर भी विजिट कर सकते हैं।
www.seac.in
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