MNRE का नया स्पष्टीकरण: 'Give It Up' चुनने वाले सोलर उपभोक्ताओं को ALMM List-II (Solar Cells) से मिली बड़ी राहत!

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​जैसा कि आप सभी जानते हैं, हाल ही में MNRE द्वारा 1 जून 2026 से ALMM List-II (Solar PV Cells के लिए) को अनिवार्य कर दिया गया था. इसके तहत यह नियम लागू हुआ कि सभी सरकारी और नेट-मीटरिंग वाले प्रोजेक्ट्स में केवल वही मॉड्यूल लगेंगे जिनमें भारत में बने (DCR) सोलर सेल्स का इस्तेमाल हुआ हो. इस अचानक आए बड़े बदलाव और घरेलू स्तर पर सोलर सेल्स की सीमित उपलब्धता के कारण हमारे वेंडर भाइयों का काम काफी प्रभावित हुआ था, और मार्केट में एक असमंजस की स्थिति बन गई थी.


​लेकिन इसी बीच मिनिस्ट्री ऑफ न्यू एंड रिन्यूएबल एनर्जी (MNRE) ने 8 जून 2026 को एक बेहद महत्वपूर्ण ऑफिस मेमोरेंडम (OM) जारी करके एक बड़ी राहत दी है. इस नए आदेश के अनुसार कुछ खास परिस्थितियों में नॉन-डीसीआर सेल्स वाले मॉड्यूल (यानी जिनमें सेल्स बाहर से इम्पोर्टेड हैं) के इस्तेमाल को एक सीमित समय के लिए फिर से हरी झंडी दे दी गई है.

​तो आज की चर्चा इसी बारे में होने जा रही है कि यह छूट कहाँ और कौन उपयोग कर सकता है? आइए इस आदेश की मुख्य बातों को आसान भाषा में समझते हैं ताकि आप अपने बिजनेस को बिना किसी रुकावट के आगे बढ़ा सकें.

​मुख्य बातें: किसे और कहाँ मिली है यह छूट?

1. 'Give It Up' कैटेगरी के लिए ALMM List-II से छूट

पीएम सूर्य घर योजना (PM Surya Ghar Scheme) के तहत जो आवासीय (Residential) उपभोक्ता स्वेच्छा से अपनी सेंट्रल फाइनेंशियल असिस्टेंस (CFA/सब्सिडी) छोड़ रहे हैं यानी नेशनल पोर्टल पर 'Give It Up' का विकल्प चुन रहे हैं, उन्हें ALMM List-II (Solar PV Cells) के कड़े नियम से छूट दे दी गई है. यानी ऐसे प्रोजेक्ट्स में नॉन-डीसीआर सेल्स वाले मॉड्यूल का उपयोग किया जा सकता है.

2. योजना के अंत तक रहेगी यह राहत

यह सीमित छूट हमेशा के लिए नहीं है. यह केवल 31 मार्च 2027 (पीएम सूर्य घर योजना की समाप्ति) तक लागू रहेगी. इस अवधि तक कमीशन होने वाले योग्य प्रोजेक्ट्स ही इसके दायरे में आएंगे.

3. नेशनल पोर्टल के जरिए आवेदन है अनिवार्य

इस छूट का लाभ केवल उन्हीं नेट-मीटरिंग उपभोक्ताओं को मिलेगा जिन्होंने PM Surya Ghar National Portal के माध्यम से ही अनिवार्य रूप से आवेदन किया है और 'Give It Up' चुना है.

4. NISE के DCR पोर्टल पर अलग से आवेदन की जरूरत नहीं

वेंडर्स के लिए सबसे बड़ी राहत यह है कि ऐसे 'Give It Up' वाले प्रोजेक्ट्स के लिए छूट का दावा करने के लिए National Institute of Solar Energy (NISE) के DCR पोर्टल पर अलग से कोई कागजी कार्रवाई या आवेदन करने की आवश्यकता नहीं है.

5. ध्यान दें: अन्य प्रोजेक्ट्स पर कोई छूट नहीं!

यह समझना बहुत जरूरी है कि यह कोई जनरल एक्सटेंशन नहीं है. अन्य सभी रूफटॉप सोलर (RTS) प्रोजेक्ट्स (जो सब्सिडी ले रहे हैं या कमर्शियल/इंडस्ट्रियल हैं) पर 1 जून 2026 से लागू हुए Extant Orders (ALMM List-II नियम) पूरी तरह लागू रहेंगे.

​वेंडर्स (Solar Vendors) के लिए क्यों जरूरी है यह आदेश?

  • काम की रुकावट होगी दूर: जो वेंडर्स नॉन-डीसीआर मॉड्यूल के स्टॉक या उपलब्धता को लेकर परेशान थे, वे अब 'Give It Up' वाले ग्राहकों को आसानी से सोलर इंस्टॉल करके दे सकते हैं.
  • कागजी कार्रवाई से मुक्ति: NISE पोर्टल पर अलग से अप्रूवल के चक्कर काटने की जरूरत नहीं होगी, जिससे आपका समय और लेबर दोनों बचेंगे.
  • ग्राहकों को नया विकल्प: आप उन ग्राहकों को टारगेट कर सकते हैं जो बिना सब्सिडी के, जल्द से जल्द और थोड़े कम बजट वाले नॉन-डीसीआर इन-सेल मॉड्यूल के साथ सिस्टम लगवाना चाहते हैं.
  • MNRE का संदेश: सभी राज्य ऊर्जा सचिवों, डिस्काम (DISCOMs), और संबंधित अधिकारियों को इस आदेश के तहत तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दे दिए गए हैं ताकि जमीनी स्तर पर वेंडर्स या उपभोक्ताओं को नेट-मीटरिंग में कोई परेशानी न आए.


    ​तो दोस्तों, भले ही 1 जून के नियम से मार्केट थोड़ा धीमा हुआ था, लेकिन इस आदेश ने वेंडर्स के लिए एक नया रास्ता खोल दिया है. सोलर इंडस्ट्री की ऐसी ही सटीक, तकनीकी और लेटेस्ट खबरों के लिए जुड़े रहिए हमारे साथ. इस जानकारी को अपने साथी वेंडर्स के साथ जरूर शेयर करें.

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