ALMM List-II (Solar Cells) Exemption: जानिए NISE पोर्टल पर क्लेम सबमिट करने की पूरी गाइड
नमस्कार दोस्तों! कल के ब्लॉग में हमने बात की थी कि कैसे 1 जून 2026 से MNRE के नियमों के मुताबिक सोलर सेल्स के लिए भी ALMM और DCR (Domestic Content Requirement) के नियमों को अनिवार्य किया जा रहा है। लेकिन सरकार ने उन प्रोजेक्ट्स को एक बड़ी राहत भी दी है जिन्होंने पहले से भारी निवेश (Investments) कर रखा है
MNRE के 25 मई 2026 के नए ऑफिस मेमोरेंडम (OM) के अनुसार, हालांकि कोई ब्लैंकेट एक्सटेंशन (सभी को एक साथ छूट) नहीं मिलेगी, लेकिन कुछ शर्तों को पूरा करने वाले Net-Metering और Open Access डेवलपर्स को केस-टू-केस बेसिस पर छूट दी जा सकती है। इसके लिए आपको NISE पोर्टल पर ऑनलाइन क्लेम सबमिट करना होगा।
आइए जानते हैं कि इस छूट का फायदा उठाने के लिए आपको कौन-कौन से डॉक्यूमेंट्स और चेकलिस्ट तैयार रखनी होगी
ज़रूरी तारीखें और सबमिशन का तरीका
- आवेदन का माध्यम: क्लेम केवल ऑनलाइन तरीके से solardcrportal.nise.res.in पर ही स्वीकार किए जाएंगे। कोई भी फिजिकल या कागजी आवेदन मान्य नहीं होगा।
- आखरी तारीख: पोर्टल पर क्लेम सबमिट करने की अंतिम तिथि 30 जून 2026 है।
- स्क्रूटनी (जांच): आपके दावों की जांच MNRE द्वारा गठित एक एक्सपर्ट कमेटी करेगी, और ज़रूरत पड़ने पर साइट का फिजिकल वेरिफिकेशन (फील्ड इंस्पेक्शन) भी किया जा सकता है
कॉमन डॉक्यूमेंट्स (जो सभी के लिए ज़रूरी हैं)
पोर्टल पर अपलोड करने के लिए सभी फाइलों को PDF फॉर्मेट में रखें, उनका नाम स्पष्ट लिखें और जहां ज़रूरी हो वहां साइन/सेल्फ-अटेस्ट जरूर करें।
- प्रोजेक्ट का नाम, लोकेशन, क्षमता (Capacity), डेवलपर का नाम और संपर्क विवरण।
- एक संक्षिप्त क्लेम नोट (Brief Claim Note) जिसमें यह साफ़ लिखा हो कि आपका प्रोजेक्ट Category I में आता है या Category II में
- सभी डॉक्यूमेंट्स और तारीखों की सत्यता की पुष्टि करने वाला एक कवर डिक्लेरेशन (Cover Declaration)
- अपलोड की गई सभी फाइलों की एक इंडेक्स (Index) जिसमें फाइल का नाम और पेज काउंट लिखा हो
कैटेगरी के हिसाब से ज़रूरी चेकलिस्ट (Checklist Criteria)
छूट का दावा करने के लिए प्रोजेक्ट्स को दो श्रेणियों (Categories) में बांटा गया है:
1. Category I: जहां 100% मॉड्यूल्स साइट पर इंस्टॉल हो चुके हैं
यह उन प्रोजेक्ट्स के लिए है जहां 1 जून 2026 से पहले 100% सोलर पीवी मॉड्यूल्स साइट पर इंस्टॉल (Install) हो चुके थे, लेकिन प्रोजेक्ट कमिशन (Commission) नहीं हो पाया था
- ज़रूरी डॉक्यूमेंट: संबंधित सरकारी कार्यालय के इलेक्ट्रिकल इंस्पेक्टर (Electrical Inspectorate) से प्राप्त अप्रूवल या सर्टिफिकेंट, जो डीसी (DC) साइड इंस्टॉलेशन और सोलर मॉड्यूल्स के इंस्टॉलेशन को प्रमाणित करता हो
- प्रोजेक्ट कमिशन न होने का सपोर्टिंग नोट और वेरिफिकेशन के लिए साइट की तस्वीरें व इंटरनल इंस्टॉलेशन समरी
2. Category II: "इफेक्टिव स्टेप्स" (Effective Steps) वाले प्रोजेक्ट्स
अगर प्रोजेक्ट 1 जून 2026 से पहले कमिशन नहीं हुआ था, लेकिन उसे ज़मीन पर उतारने के लिए ठोस कदम उठाए जा चुके थे, तो आपको नीचे दी गई सभी शर्तें पूरी करनी होंगी:
- (A) ज़मीन (Land): 01.06.2026 से पहले प्रोजेक्ट के लिए ज़रूरी कुल ज़मीन का कम से कम 75% हिस्सा आपके साफ़ कब्ज़े में होना चाहिए। इसके लिए लैंड रजिस्ट्री, म्यूटेशन (दाखिल-खारिज), लीज डीड, सरकारी अलॉटमेंट लेटर, फिजिकल हैंडओवर या राइट-टू-यूज़ के सेल्फ-अटेस्टेड डॉक्यूमेंट्स देने होंगे।
- (B) फाइनेंशियल क्लोजर (Financial Closure): 01.06.2026 से पहले प्रोजेक्ट का फाइनेंशियल क्लोजर हो जाना चाहिए। इसके लिए बैंकों से सैंक्शन लेटर, लोन एग्रीमेंट, बोर्ड रेजोल्यूशन, इक्विटी कमिटमेंट लेटर, सिक्योरिटी डॉक्यूमेंट, गारंटी/अंडरटेकिंग, एस्क्रो अकाउंट एग्रीमेंट या ऑडिटर/सीए (CA) सर्टिफिकेट अपलोड करना होगा।
- (C) कनेक्टिविटी (Connectivity): 01.06.2026 से पहले इन-प्रिंसिपल कनेक्टिविटी ग्रांट मिल चुकी हो, जिसमें कनेक्टिविटी शुरू होने की तारीख साफ़ तौर पर 01.06.2026 से पहले की हो। इसके लिए कनेक्टिविटी देने वाली संस्था का आधिकारिक पत्र लगाना होगा
- (D) इलेक्ट्रिकल ड्राइंग अप्रूवल: 01.05.2026 से पहले इलेक्ट्रिकल इंस्पेक्टर से सिंगल लाइन डायग्राम (SLD) सहित सभी इलेक्ट्रिकल ड्राइंग्स का अप्रूवल मिल जाना चाहिए। इसके लिए इंस्पेक्टर द्वारा जारी सर्टिफिकेट की सेल्फ-अटेस्टेड कॉपी लगानी होगी
- (E1) मॉड्यूल अराइवल (Route 1): इस नोटिफिकेशन की तारीख से पहले 100% मॉड्यूल्स प्रोजेक्ट साइट पर पहुंच चुके हों। इसके लिए जीएसटी (GST) इनवॉइस, ई-वे बिल (e-Way Bills) और लॉरी रसीदें (Lorry Receipts) देनी होंगी
- (E2) मॉड्यूल इंस्टॉलेशन (Route 2): या फिर विकल्प के रूप में 01.06.2026 से पहले 50% से अधिक मॉड्यूल्स साइट पर इंस्टॉल हो चुके हों। इसके लिए सेल्फ-सर्टिफिकेशन, जियो-टैग्ड और टाइम-स्टैम्प्ड तस्वीरें, EPC कॉन्ट्रैक्टर के पेमेंट इनवॉइस और इलेक्ट्रिकल इंस्पेक्टर का सर्टिफिकेट लगाना होगा
सबमिशन से पहले इन बातों का रखें खास ध्यान (Review Tips)
- कट-ऑफ तारीखें: यह अच्छी तरह जांच लें कि आपके सभी माइलस्टोन की तारीखें इस आदेश (OM) में दी गई कट-ऑफ तारीखों से पहले की ही हों
- डेटा कंसिस्टेंसी: आपके प्रोजेक्ट की कैपेसिटी, लैंड एरिया, मॉड्यूल्स की संख्या, इनवॉइस (Invoices) और तस्वीरों में दी गई जानकारी आपस में मैच होनी चाहिए
- स्पष्टता (Legibility): सभी सेल्फ-अटेस्टेड डॉक्यूमेंट्स बिल्कुल साफ और पढ़ने योग्य होने चाहिए, खासकर वो पेज जिनमें तारीखें, सर्वे नंबर, मात्रा (Quantities) और अप्रूवल रेफरेंस नंबर लिखे हों
पोर्टल पर फाइनल अपलोड करने से पहले अपने सभी डॉक्यूमेंट्स का एक कंबाइंड सेट बनाकर इंटरनल रिव्यू ज़रूर कर लें, ताकि फॉर्म रिजेक्ट होने का कोई चांस न रहे
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