सोलर ऑन-ग्रिड सिस्टम में घर की अर्थिंग कॉमन करने के नुकसान और क्यों बचें इससे?
सोलर ऑन-ग्रिड सिस्टम (Solar On-Grid System) इंस्टॉल करते समय सबसे ज़्यादा ध्यान सुरक्षा (Safety) पर दिया जाना चाहिए। लेकिन आजकल मार्केट में कुछ वेंडर्स पैसे और मेहनत बचाने के चक्कर में एक बहुत बड़ी गलती करते हैं—वे घर की पहले से मौजूद अर्थिंग (Domestic Earthing) को ही सोलर सिस्टम (खासकर AC साइड) के साथ कॉमन या लूप कर देते हैं।
एक प्रोफेशनल सोलर एक्सपर्ट होने के नाते, आपको यह जानना बेहद ज़रूरी है कि यह "जुगाड़" किसी बड़े नुकसान की वजह क्यों बन सकता है। इस ब्लॉग में हम विस्तार से बात करेंगे कि सोलर ऑन-ग्रिड सिस्टम में अलग-अलग अर्थिंग क्यों ज़रूरी है और कॉमन अर्थिंग करने से आपके इन्वर्टर और घर के उपकरणों को क्या खतरे हैं।
3 सेपरेट अर्थिंग (Separate Earthing) क्यों ज़रूरी है?
किसी भी मानक सोलर ऑन-ग्रिड इंस्टॉलेशन (MNRE और CEA गाइडलाइंस के अनुसार) में कम से कम 3 अलग-अलग अर्थिंग होना अनिवार्य है:
- DC अर्थिंग: सोलर पैनल्स के स्ट्रक्चर और PV मॉड्यूल्स के लिए (ताकि स्टैटिक चार्ज या लीकेज करंट ज़मीन में जा सके)।
- LA (लाइटनिंग अरेस्टर) अर्थिंग: आसमानी बिजली (Lightning Strike) के झटके से पूरे सिस्टम को बचाने के लिए सबसे अलग और डेडिकेटेड अर्थिंग।
- AC अर्थिंग: इन्वर्टर की मेटल बॉडी और ACDB (Alternating Current Distribution Box) के लिए।
घर की अर्थिंग और सोलर अर्थिंग कॉमन करने के भयंकर नुकसान
1. ACDB और सोलर इन्वर्टर का खराब होना (Surge & Leakage Current)
जब वेंडर्स घर की अर्थिंग को सोलर के AC साइड (ACDB/Inverter) के साथ जोड़ देते हैं, तो घर के लोड या किसी अन्य उपकरण का लीकेज करंट या वोल्टेज सर्ज सीधे उल्टी दिशा (Reverse Direction) में दौड़ने लगता है।
यह सर्ज करंट कॉमन अर्थिंग पाथ से होता हुआ सीधे ACDB और सोलर इन्वर्टर तक पहुँच जाता है। सोलर इन्वर्टर के अंदर बेहद संवेदनशील इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स और माइक्रोप्रोसेसर होते हैं। जब यह हाई वोल्टेज सर्ज इन्वर्टर में घुसता है, तो इसके मदरबोर्ड या कार्ड को पूरी तरह जला देता है। वेंडर की एक छोटी सी लापरवाही से ग्राहक का लाखों का इन्वर्टर पल भर में कबाड़ बन जाता है।
2. ग्रिड फ्लक्चुएशन से घर के उपकरणों को खतरा
ऑन-ग्रिड सिस्टम सीधे बिजली बोर्ड (Grid) से जुड़ा होता है। अगर ग्रिड की तरफ से कोई बड़ा वोल्टेज सर्ज (जैसे बिजली का झटका या हाई फ्लक्चुएशन) आता है और आपकी सोलर अर्थिंग सही नहीं है या घर के साथ कॉमन है, तो वह हाई-विद्युत झटका सीधे आपके घर की वायरिंग में फैल जाएगा। इससे घर के कीमती उपकरण जैसे—टीवी, फ्रिज, एसी और कंप्यूटर फुंक सकते हैं।
3. आसमानी बिजली (Lightning) का डबल खतरा
अगर किसी अनाड़ी वेंडर ने LA (लाइटनिंग अरेस्टर) की अर्थिंग को भी घर या AC साइड की अर्थिंग के साथ मिला दिया, तो खतरा कई गुना बढ़ जाता है। आसमानी बिजली गिरने पर लाखों वोल्ट का करंट ज़मीन में समाने के बजाय, कॉमन रास्ता मिलने के कारण सीधे इन्वर्टर और घर की अंदरूनी वायरिंग में घुस जाएगा, जिससे पूरे घर में आग लगने तक का खतरा पैदा हो सकता है।
4. इन्वर्टर में फॉल्ट और एरर कोड्स (Isolation Fault)
जब अर्थिंग कॉमन होती है, तो सिस्टम को सही ग्राउंड रेजिस्टेंस (Earth Resistance) नहीं मिल पाता। इस वजह से ऑन-ग्रिड इन्वर्टर बार-बार "Isolation Fault" या "Earth Fault" जैसे एरर कोड्स दिखाने लगता है और पावर जनरेशन (बिजली बनाना) बंद कर देता है। ग्राहक परेशान होता रहता है कि इन्वर्टर में खराबी है, जबकि असली समस्या अर्थिंग के गलत लूपिंग की होती है।
निष्कर्ष: सही तरीका क्या है?
थम्ब रूल (Thumb Rule): सोलर सिस्टम की अर्थिंग और घर की घरेलू अर्थिंग के बीच कोई भी सीधा भौतिक संबंध (Physical Connection) नहीं होना चाहिए।
- हमेशा अच्छी क्वालिटी की कॉपर-बॉन्डेड केमिकल अर्थिंग रॉड्स (Chemical Earthing) का ही इस्तेमाल करें।
- DC, AC और LA के लिए अलग-अलग गड्ढे (Earth Pits) बनाएं और उनके बीच कम से कम 3 से 5 मीटर की दूरी रखें।
- ACDB और DCDB में सही रेटिंग के SPD (सर्ज प्रोटेक्शन डिवाइस) लगाएं और उन्हें उनकी तय अर्थिंग से ही कनेक्ट करें।
सस्ता वेंडर चुनने के चक्कर में अपने घर और सोलर प्लांट की सुरक्षा से समझौता न करें। एक सही और अलग-अलग की गई अर्थिंग ही आपके सोलर इन्वेस्टमेंट को 25 सालों तक सुरक्षित रख सकती है!
आपको क्या लगता है? क्या आपने भी कभी किसी साइट पर ऐसी कॉमन अर्थिंग की लापरवाही देखी है? नीचे कमेंट करके अपनी राय ज़रूर बताएं और इस तकनीकी जानकारी को ज़्यादा से ज़्यादा शेयर करें!
Er. Krishankant Shrivastava
NSDC & NCVT Certified
आपका सौरदीक्षक
www.seac.in
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